Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 03, 2018 संता एक काला और एक सफ़ेद जुराब पहनकर स्कूल गया। अध्यापक: घर जाओ और मोज़े बदलकर आओ। संता: कोई फायदा नहीं वहां भी एक काला और एक सफ़ेद ही है। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
जोग ठगौरी ब्रज न बिकैहै July 02, 2018 जोग ठगौरी ब्रज न बिकैहै। यह ब्योपार तिहारो ऊधौ, ऐसोई फिरि जैहै॥ यह जापै लै आये हौ मधुकर, ताके उर न समैहै। दाख छांडि कैं कटुक निबौरी को अपने मुख खैहै॥ मूरी के पातन के केना को मुकताहल दैहै। सूरदास, प्रभु गुनहिं छांड़िकै को निरगुन निरबैहै॥ - सूरदास Read more
संदेसो दैवकी सों कहियौ July 17, 2018 संदेसो दैवकी सों कहियौ। `हौं तौ धाय तिहारे सुत की, मया करति नित रहियौ॥ जदपि टेव जानति तुम उनकी, तऊ मोहिं कहि आवे। प्रातहिं उठत तुम्हारे कान्हहिं माखन-रोटी भावै॥ तेल उबटनों अरु तातो जल देखत हीं भजि जाते। जोइ-जोइ मांगत सोइ-सोइ देती, क्रम-क्रम करिकैं न्हाते॥ सुर, पथिक सुनि, मोहिं रैनि-दिन बढ्यौ रहत उर सोच। मेरो अलक लडैतो मोहन ह्वै है करत संकोच॥ - सूरदास Read more
प्रीति करि काहु सुख न लह्यो June 30, 2018 प्रीति करि काहु सुख न लह्यो। प्रीति पतंग करी दीपक सों, आपै प्रान दह्यो॥ अलिसुत प्रीति करी जलसुत सों, संपति हाथ गह्यो। सारँग प्रीति करी जो नाद सों, सन्मुख बान सह्यो॥ हम जो प्रीति करि माधव सों, चलत न कछु कह्यो। 'सूरदास' प्रभु बिनु दु:ख दूनो, नैननि नीर बह्यो॥ - सूरदास Read more
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