कचरे मे फेंकी रोटियां रोज ये बया करती है कि,
पेट भरते ही इंसान अपनी औकात भूल जाता है |

Comments

Popular posts from this blog

मीठा जल

संदेसो दैवकी सों कहियौ

मैं नास्तिक हूँ